मुजफ्फरनगर से नोएडा के लिए किसानों का जत्था हुआ रवाना

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 किसानों की पुलिस से धक्का-मुक्की, नोएडा के लिए जत्था रवाना

 खबर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से है, जहां ग्रेटर नोएडा कूच के दौरान पुलिस और किसान नेताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। किसानों ने दिल्ली-देहरादून हाईवे-58 जाम करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की लाख कोशिशों के बाद भी किसान नेता नहीं रूके। बल्कि भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष नवीन राठी के नेतृत्व में 100 से अधिक गाड़ियों के जत्थे के साथ भाकियू पदाधिकारी और कार्यकर्ता नोएडा के लिए निकल गए। भाकियू सुप्रीमो नरेश टिकैत और उनके बेटे गौरव टिकैत ने जत्थे को रवाना किया और बागपत रूट से नोएडा जाने के लिए भंगेला से निकल गए।

 सिसौली में मंगलवार को हुई भाकियू की पंचायत में ग्रेटर नोएडा के जीरो पॉइंट पर किसान पंचायत किए जाने का ऐलान किया गया था। भाकियू सुप्रीमो नरेश टिकैत की घोषणा के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 5 मंडलों के किसान नेता और भाकियू कार्यकर्ता बुधवार सुबह नोएडा के निकल पड़े। इसी कड़ी में मुजफ्फरनगर के भाकियू पदाधिकारी और कार्यकर्ता सैंकड़ों गाड़ियों के जत्थे के साथ सुबह से ही मेरठ बॉर्डर के भंगेला हाईवे पर एकत्रित होने लगे। किसानों के इस जत्थे को भाकियू सुप्रीमो नरेश टिकैत और उनके बेटे गौरव टिकैत को रवाना करना था।

 100 से अधिक गाड़ियों के काफिले को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने रोकने और किसानों को समझाने की नाकाम कोशिश की। पुलिस द्वारा रोक जाने के कोशिश पर नाराज हुए किसानों ने दिल्ली-देहरादून हाईवे-58 जाम करने की कोशिश की। जिस पर पुलिस के तेवर ढीले पड़ गए और मुजफ्फरनगर भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी के नेतृत्व के किसानों का जत्था ग्रेटर नोएडा के लिए रवाना हो गया।

 आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा में मुआवजा और भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों का शांतिपूर्ण धरना चल रहा था। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार ने 7 दिन का समय मांगा था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस द्वारा धरनारत किसानों, भाकियू के पश्चिमी प्रदेशाध्यक्ष पवन खटाना समेत पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के कारण किसानों में आक्रोश फैल गया।
वीओ 3ः भाकियू नेताओं ने कहा कि आगे की रणनीति नोएडा में ही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पिछले दिल्ली आंदोलन की तरह बड़ा रूप ले सकता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 5 मंडलों के अलावा बाकी जगहों पर भी भाकियू नेता थाना स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

एफवीओः बहरहाल, ये आंदोलन न केवल किसानों के हकों के लिए है, बल्कि यह सरकार के प्रति किसानों के आक्रोश को भी दर्शाता है। प्रशासन को इस मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि किसानों की मांगों का समाधान हो सके और स्थिति सामान्य हो सके।’

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