प्रतिबंधित मछली पालक पर भी अब कानून का चला डंडा

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करनैलगंज(गोंडा)। प्रतिबंधित मछली पालन के मामले में एसडीएम के निर्देश पर मत्स्य विभाग की कार्रवाई नही हो सकी मगर रातों रात मछली पालक सभी तालाबों से मछलियां निकाल कर फरार हो गया। मछलियों की कीमत करीब 15 लाख बताई जा रही है। गैर कानूनी तरीके से 8 तालाबों की खुदाई करके प्रतिबंधित प्रजाति की भारी संख्या में मछली पालन पकड़े जाने के बाद एसडीएम ने 17 अप्रैल को मत्स्य विभाग को मछलियों को नष्ट कराने एवं मछली पालन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिया था। उसके बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई और मछली पालने वाले व्यक्ति ने आठों तालाबों की सभी मछलियों को निकालकर रातो रात गायब हो गया। जिसकी सूचना मिलने के बाद एक बार फिर से मौके पर पहुंचे एसडीएम ने मत्स्य विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। फिर भी मत्स्य विभाग कार्रवाई नही कर रहा। बीते 17 अप्रैल को एसडीएम हीरालाल को ग्राम सकरौरा ग्रामीण के मजरा गज्जू पुरवा में अवैध तरीके से कृषि योग्य भूमि में आठ तालाब खोदकर उसमें पानी भरने के बाद करीब दो माह से प्रतिबंधित प्रजाति की मांगुर मछली पालन करने की सूचना मिली। एसडीएम मौके पर पहुंचे तो सभी तालाबों में भारी मात्रा में मछलियां मिलीं। एसडीएम ने मत्स्य विभाग को पत्र लिखकर तत्काल मछलियों को नष्ट करने व तालाब की पटाई कराते हुए मछली पालक के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया। मगर एक सप्ताह बाद तक मत्स्य विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नही पहुंचा। जिसका फायदा उठाते हुए मछली पालक रातोंरात मछली का शिकार करके सभी तालाबों का पानी पंपिंग सेट से निकालकर तालाब को सुखा छोड़ फरार हो गया। जिसकी सूचना मिलने पर फिर से एसडीएम मछली पालन स्थल तक गए जहाँ सब कुछ वीरान था। उन्होंने मत्स्य विभाग के अधिकारियों को मछली पालन करने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने बताया कि मत्स्य विभाग समय पर कार्रवाई करता तो यह स्थिति नही होती। इसके सम्बन्ध में जिलाधिकारी को अवगत कराते हुए कार्रवाई कराई जाएगी।

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