महिला अध्यापक का रसूख इतना की सैलरी लेकर भी नहीं आती पढ़ाने

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महिला शिक्षिका कर रसूख इतना कि प्रधानाध्यापक जी शिकायत करने से डरते हैं 

गोंडा  जहां गोंडा में प्राथमिक विद्यालय ना जाने वाले शिक्षकों की संख्या तो बहुत लंबी है जिला प्रशासन के जांच के बाद ही सही संख्या पता चल पाएगी। लेकिन गोंडा के शिक्षा क्षेत्र परसपुर के प्राथमिक विद्यालय नकई पुरवा तैनात महिला सहायक अध्यापक वर्ष में केवल 12 दिन स्कूल आती है और उनके भाई का रसूख इतना है कि प्राथमिक विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापक का चार्ज पाए अध्यापक उनकी शिकायत करने से डरते हैं उनका कहना है कि हम लोग कल हैं और हमारे ऊपर बहुत दबाव रहता है डर बहुत रहता है जिस तरीके से अध्यापक मोटी तनख्वाह पाने के बाद बच्चों को पढ़ाते नहीं है उस पर अब देखने वाली बात होती है कि जिला अधिकारी और बीएसए किस तरह की की कार्यवाही करते हैं फिलहाल वहां पर पढ़ने वाले छात्र और महिला शिक्षामित्र और प्रभारी प्रधानाचार्य ने क्या कहा और उस महिला अध्यापक मीनाक्षी सिंह का कितना रसूख है आइए आपको सुनाते हैं प्राथमिक विद्यालय पूरे पुरवा में 4 अध्यापकों का स्टाफ है जिसमें से राजेश कुमार वर्मा सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हैं उनको प्रधानाध्यापक का चार्ज मिला है दूसरे सहायक अध्यापक हैं अर्जुन यादव तीसरे में महिला अध्यापिका मीनाक्षी सिंह है जो  तनख्वाह तो सरकार से लेती हैं लेकिन रहती है अपने घर या ससुराल और चौथी महिला शिक्षामित्र बेबी मिश्रा लेकिन यहां पर तो केवल तीन ही स्टाफ  रेगुलरली आता है।

 

अगर आपके परिवार का कोई राजनैतिक रसूख रखता हैं और क्षेत्र का दबंग भी हैं और आप सरकारी नौकरी कर रहे हैं तो आपको अपने कार्यस्थल पर जाने की जरूरत नहीं है जी हां गोंडा में यही स्थिति है पूरे नकई सरकारी प्राथमिक विद्यालय में काम कर रही अध्यापिका मीनाक्षी सिंह महीने में एक बार विद्यालय में आती है वह भी उपस्थिति लगाने और यह बात हम नहीं विद्यालय के बच्चे प्रधानाध्यापक व अन्य अध्यापक भी कह रहे हैं आप इनके बातों की पुष्टि विद्यालय में मौजूद उपस्थिति पंजिका भी कर रही है लेकिन प्रधानाध्यापक की हिम्मत नहीं है कि वह उपस्थिति पंजिका में अध्यापिका के आगे अनुपस्थित लिख दे क्योंकि उसे डर है अपनी जान का और अपनी नौकरी का अभी तक आपने विधायकों सांसदों और मंत्रियों के रसूख देखे होंगे आइए आपको दिखाते हैं एक अध्यापिका के दबंग भाई का रसूख….


यह उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्राथमिक विद्यालय नकई पुरवा है यहां पर कहने को तो 4 अध्यापक तैनात हैं और बच्चों की भी अच्छी खासी संख्या है लेकिन 4 अध्यापकों में से केवल 3 अध्यापक ही विद्यालय आते हैं एक अध्यापिका मीनाक्षी सिंह महीने में केवल एक बार आती है वह भी उपस्थिति रजिस्टर पर उपस्थिति दर्ज करने यहां पड़े रहे छात्रों के अनुसार 25 दिनों से यह विद्यालय नहीं आई है वही प्रधानाध्यापक भी मानते हैं कि काफी समय से वे विद्यालय नहीं आ रही है और वेतन ले रही हैं वह उनके उपस्थिति रजिस्टर में अनुपस्थित लिखने से भी डर रहे हैं क्योंकि उनके परिवार के लोग दबंग और राजनैतिक रसूख के हैं वहां काम कर रहे एक और अध्यापिका का कहना था कि 8 अप्रैल से अभी तक नहीं आई है ससुराल में रहती हैं हम ज्यादा कुछ नहीं कह सकते बच्चों ने जो कहा है वह सही है आइए सुनाते हैं क्या कह रहे हैं इन अध्यापिका के रसूख से  डरे हुए प्रधानाध्यापक और अध्यापिका

इस संबंध में जब जिला अधिकारी से बात की गई तो जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि विद्यालय सभी को जाना पड़ेगा संबंधित अध्यापिका के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी

वंही पूरे मामले पर जिलाधिकारी डॉ उज्जवल कुमार का कहना है कि बीएसए और एबीएसए को जांच करने के निर्देश दिए गए हैं जो ऐसे अध्यापक हैं  रोज अनुपस्थित  रहते हैं विद्यालय में क्यों नहीं आ रहे हैं उस पर कार्रवाई की जाए प्राथमिक विद्यालय नकई पुरवा की बात हो रही जिसके बारे में आज मामला संज्ञान में आया है इसके पहले भी एक टीचर को निलंबित किया जा चुका है उनके बारे में पता चला था कि वह पहले नहीं आ रही थी यह सब कार्रवाई ना होती रहेगी बीएसए को अग्रेषित किया गया है कि ना किसी इसी विद्यालय में बाकी किसी भी विद्यालय में जिसमें शिक्षक नहीं आते हैं उनके खिलाफ प्रभावी कार्यवाही करें अगर यह तथ्य सामने आते हैं कि इनके द्वारा विद्यालय में नहीं जाया जाता उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही करते हुए बर्खास्त तक कि कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं विद्यालय आना उनके ड्यूटी का हिस्सा है अगर नहीं आते हैं और बिल्कुल भी पढ़ाई में इंटरेस्ट नहीं है उनके खिलाफ जो भी कार्रवाई होगी वो की जाएगी इस के संदर्भ में आज ही निर्देश दे दिए गए हैं इसके अतिरिक्त में सभी अभिभावक से अपील करता हूं अगर आप के प्राथमिक विद्यालय में कोई भी अध्यापक नहीं आ रहा तो उसकी सूचना हमको अवश्य दें।

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