बहराइच के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर में अधीक्षक की पुनः तैनाती को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। कुछ समय पहले ANM और आशा कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में सीएचसी से लेकर जिला अधिकारी कार्यालय तक प्रदर्शन करते हुए अधीक्षक डॉ. थानेदार पर शोषण और अवैध वसूली जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने आरोप लगाया था कि उनसे अभद्र व्यवहार किया जाता है तथा विभिन्न कार्यों के नाम पर अवैध वसूली की जाती है। इस मामले में कथित व्हाट्सएप चैट और लेन-देन से जुड़े स्क्रीनशॉट भी सामने आने की बात कही गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए उस समय जिला प्रशासन के निर्देश पर डॉ. थानेदार को जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था।
हालांकि अब पुनः उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर का चार्ज दिए जाने के बाद क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। प्रदर्शन में शामिल रही ANM और आशा बहुओं का कहना है कि सैकड़ों महिलाओं के विरोध और शिकायतों के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि क्षेत्र में अवैध अस्पताल, पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेंटरों के संचालन को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। वहीं हाल में आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती को लेकर भी अवैध वसूली की चर्चाएं सामने आई हैं।
एक ओर प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर विभिन्न अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर इस मामले में महिलाओं के प्रदर्शन के बावजूद कार्रवाई के परिणाम को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल इस पूरे प्रकरण पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी खुलकर कुछ भी बोलने से बचते नजर आ रहे हैं।